एक से क्या होगा!

“अरे क्यों रुला रही है नेहा को बहू, एक चॉक्लेट ही तो मांग रही है, खाने दे बेचारी को।” दादी को अपने पाले में देख नेहा की आँखों में चमक आ गयी।“नहीं मम्मी-जी! आपको पता तो है इसके दांत में कीड़ा लग रहा है, लॉकडाउन में डेंटिस्ट भी बंद हैं।” साधना ने झल्ला कर कहा।“अरेContinue reading “एक से क्या होगा!”

अपराधी कौन? (लघुकथा)

इंस्पेक्टर भूषन ने लाश को पोस्ट मोर्टेम के लिए भेजने का आदेश दिया। एक ही महीने में फिल्म इंडस्ट्री की यह तीसरी ख़ुदकुशी थी।खबरों के बाज़ार का तवा ठंडा होने का नाम ही नहीं ले रहा था। पहले एक अभिनेत्री की मैनेजर, फिर एक मशहूर एक्टर और आज यह प्रोडूसर।जाने बॉलीवुड को किस की नज़रContinue reading “अपराधी कौन? (लघुकथा)”

चौदह फरवरी (Not a Love Story)

“पापा, आज चौदह फरवरी है – मम्मा के लिए गुलाब के फूल ले लो।” लाल बत्ती पर रुकी अपनी कार के बाहर फूल बेचने वाली को देख नन्हे आर्यन ने अमित को याद दिलाया। अमित ने मुस्कुरा कर बेटे को देखा और शीशा नीचे करते हुए लड़की से पुछा “इसके कितने हुए?”“सौ रुपये, साहब” लड़कीContinue reading “चौदह फरवरी (Not a Love Story)”

बदतमीज़ ड्यूटी

फिक्स्ड डिपोसिट तुड़वाना था और बैंक बंद होने में केवल पंद्रह मिनट ही बचे थे। गाड़ी पार्किंग में लगा कर मैं तेज़ क़दमों से वहां पहुंचा तो उसी बदतमीज़ सिक्योरिटी गार्ड से फिर सामना हो गया। बैंक में दाखिल होने लगा तो रास्ता रोक कर खड़ा हो गया।“ओ रै ताऊ, घनी जल्दी सै तन्ने –Continue reading “बदतमीज़ ड्यूटी”

मकान की कीमत (Short Story)

एक दशक पूर्व जब अपन शिकागो में अवतरित हुए थे तो इसकी बर्फीली सर्द हवाओं ने तो अपनी कुल्फी ही जमा दी थी। सांस्कृतिक झटका लगा सो अलग उस पर देश और अपनों से दूर होने का दर्द – हमें लगा नहीं था हम ज़्यादा दिन टिक पाएंगे यहाँ। पर अब यहाँ की सर्द हवाओंContinue reading “मकान की कीमत (Short Story)”

मुसीबत में अमेरिका

मैंने उसे वॉलमार्ट में देखा। शॉपिंग चेक-आउट की लाइन में मुझसे आगे खड़ा, फ़ोन पर किसी से बात कर रहा था। उस तरफ से दस डॉलर प्रति घंटे का ऑफर मिल रहा था और ख़ुशी से वह अपनी मंज़ूरी अभिव्यक्त करते हुए बतला रहा था कि उसे तो आठ डॉलर से भी कम मिलने कीContinue reading “मुसीबत में अमेरिका”

सौतन (A Short Story)

“सौतन, मेरी जान की दुश्मन है तुम्हारी यह फेसबुक। कल से इसी से ही बोलना रोटी के लिए। यह दे सकती है क्या रोटी तुम्हे? जितना वक़्त इसके साथ बिताते हो अगर मेरे साथ बिताया होता तो आज जिंदगी खुशहाल होती। आखिर कौन सा ऐसा लड्डू मिलता है तुम्हे इससे जो मैं नहीं दे सकती?Continue reading “सौतन (A Short Story)”

ह्रदय परिवर्तन

शुरुआत झूठ से हुई थी। दीपिका ने माँ से झूठ कह रखा था कि उसने किसी को पसंद किया हुआ है। उस वक़्त इसके सिवा उसे कोई चारा नज़र नहीं आया था उनके “लड़का-देखने” के दबाव को टालने का।वह अपने करियर पर ध्यान देना चाहती थी और शादी-ब्याह के चक्कर में पड़ने को तैयार नहींContinue reading “ह्रदय परिवर्तन”

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